जितना बांटोगे उतना बढ़ेगा, ये ज्ञान का खजाना है साहब न सड़े गा न गलेगा, बांटते चलो जो मिले जैसे मिले, बाद में इससे अच्छा और  कुछ नहीं फले गा।