इश्क़ करके मैंने भी देखा है, दर्द सह के मैंने भी देखा है, बहते रहते हैं आंसू ,हर वक्त हर घड़ी, अपने ही दिल में खंजर ले के मैंने भी देखा है। और, फर्क नहीं पड़ता उसे चाहे तुम मर जाओ, अरे! ज़िन्दगी तुम्हारी है कुछ कर जाओ, क्यों देते हो उस बेरहम को इतनी ताकत, अगर ऐसा ही है तो जाओ, हद से गुजर जाओ।