मुझे जो लोग बेचारा कहते,
बेचारे ये नहीं समझ सकते,
की .... यही बेचारा,
जो दिखता आवारा,
एक दिन बनेगा चमकता सितारा,
खोजे गा नई राहें,
खोलेगा अदभुत द्वार,
मिटा देगा अंधेरा, बरसायेगा
अमर जलधार,
जो जला देश है धूं-धूं कर,
ढ़ली मानवता रो-रो कर,
फूंकेगा उसमें प्राण निराला,
यही बेचारा...............
बनेगा एक दिन चमकता सितारा।