अगर नींद आए तो सो जाया करो
बेवजह ख़यालों में न रात ज़ाया करो
इश्क़ बीमारी है जिसका इलाज नहीं कोई
ऐसे वैसे लोगों से दिल न लगाया करो
ये उदास शामें मुझसे अक्सर कहती हैं
ग़म को हँसी के पीछे न छुपाया करो
ये शब-ए-तन्हाई एक जानलेवा अज़ाब है
खुद आ जाओ कभी मिलने बुलाया करो
©\चंदन
