ना जाने क्या छुपा रक्खा है ख़लाओं मेंमैंने नज़र को टाँग रक्खा है हवाओं मेंक्या करोगे मेरे मरज़ का इलाज तुमतुमने ज़हर मिला रक्खा है दवाओं मेंतुम्हारे बाद मैं क्या कहूँगा दुनिया वालों सेतुमसे मिलना तय था मेरे हाथ की रेखाओं में©\चंदन
ना जाने क्या छुपा रक्खा है ख़लाओं मेंमैंने नज़र को टाँग रक्खा है हवाओं में
क्या करोगे मेरे मरज़ का इलाज तुमतुमने ज़हर मिला रक्खा है दवाओं में
तुम्हारे बाद मैं क्या कहूँगा दुनिया वालों सेतुमसे मिलना तय था मेरे हाथ की रेखाओं में
©\चंदन