लिखो तुम.......


लिखो व्यथाओ पर, 

कटे शीश जो भारत माँ के लिए,

उनकी चिताओ पर!

लिखो तुम गूँगी बहरी सरकारो पर,

बेशर्म, निर्लज व्यवस्थाओं पर।

लिखो तुम अनाथ बच्चे की सिसकियों पर,

भूखे घर, भूखे पक्षी की अवस्थाओं पर।

जाओ गर लिखना हो तो लिखो,

माँ की सुनी कोख पर,

उन सुनी कलाई पर,

बारिश का इंजतार करते,

किसान के गाँव पर!

लिखो तुम..........