प्रमाण जब पतिब्रता होने का दिया तो सीता हुईं वो

जब प्रेम दर्शाया इस जगत में तो राधा वो

जब मीरा हुई तो विष पिया, सती हुई तो शिवप्रेम

माँ हुईं तो बलिदान दिया, देवकी बनके कष्ट सहा

ममता लुटाई तो यशोदा कहाई, अकेले उनको पाला तो लव कुश की माँ!

क्रोध बढ़ा तो चण्डी हुई, शिव के सीने पर पैर धरा!

शक्ति हुई तो नारी , जो सबूरी हुई तो नारी

जो धड़कन हुई तो स्त्रीलिंग , जो घृणा हुई तो नारी

सशक्तिकरण से भरपूर है सारी, वो है “नारी”

दुर्गा की जो भुजाएँ अष्ट, सम्पूर्णता का उदाहरण स्पष्ट!