रेशम के पालने मे कूदा एक नन्हा सा चोर था,
मूहँ मे माखन लगाये करता वो खूब शोर था,
शहद रूपी नेत्रों का वो लालची एक भोर था,
पूरी सृष्टि को नचाता वो प्यारा ब्रिज किशोर था॥


रेशम के पालने मे कूदा एक नन्हा सा चोर था,
मूहँ मे माखन लगाये करता वो खूब शोर था,
शहद रूपी नेत्रों का वो लालची एक भोर था,
पूरी सृष्टि को नचाता वो प्यारा ब्रिज किशोर था॥