जीभ पे गर्म चाय की एक बूंद भी छू जाये तो कितना करारा एहसास होता हैऻतो फिर तुमने इतनी नजाकत से झूठ कैसे बोल दिया॥
जीभ पे गर्म चाय की एक बूंद भी छू जाये तो कितना करारा एहसास होता हैऻ
तो फिर तुमने इतनी नजाकत से झूठ कैसे बोल दिया॥