कब तक झूट से आप ज़िन्दगी चलाएंगे
एक रोज़ आप भी दुनियां से चले जायेंगे
आप कहते है सिर्फ सच बोलता हूं मैं,
आईना देखिये आआप खुद ही जान जाएंगे
आपके कर्मों की जितनी सज़ा बनती है,
अभी अनजान है पर तब भुगत ना पाएंगे
कितने मासूम हैं वो लोग ,
जो वादों पे आपके यकीन करते हैं
सफर है जिंदगी का जाने कब ये रुक जाए
क्या पता वक़्त का ये किसकी और झुक जाए
गुरुर बेवजह है आपका ये जान लीजिए
अपने दिल मे झांकिए और दिल का कहा मान लीजिए
