मेरी कलम से :)

#cv

उठ जाग नयी सुबह है, कर तू नयी शुरुआत।

भूल जा जो कल हुआ, गुजर गयी वो रात।।


तुझको है पुकारती , 

देख तेरी मंजिल।

बढ़ जा तू नेक रास्ते पर,

हौसले के साथ।।।


मिलेंगी लाख ठोकरें, रोकेंगी तेरा रास्ता।

मुश्किलों से तू कभी, रखना न कोई वास्ता।।


डगमगाने पाए न,

बढ़ते हुए कदम तेरे।

खुद पर रख विशवास।

तेरे साथ है खुदा।।


जीवन है एक सागर तू फंसा बीच मझधार।

लहरें हैं बहुत तेज, मगर करना पड़ेगा पार।।


दिल की आवाज़ सुन,

ज्ञान को बना हथियार।

छोड़ भय तू हो जा ,

सत्य की नौका पर सवार।।


हिम्मत दिखा तू चीड़ दे, सागर का भी सीना।

मत भूल लक्ष्य कर रहा, साहिल पर इन्तजार।।