ज़िंदगी यूँ गुज़र गई, इक तेरे इंतज़ार में। चैन दिल का,गवाँ बैठें हैं अब तो प्यार में।।तेरा हर झूठ भी सच्चा सा लगता है जाने क्यों? हद से गुज़र गए हैं अब तेरे ऐतबार में।।