मैं अपने लफ्ज़ों में उतारूंगी तुम्हें,
तुम एक बार सामने आओ तो सही।
आँखों के रास्ते दिल में बसा लूंगी,
नज़रों से नज़रे मिलाओ तो सही।।
कुछ रोज़ से बड़ी बेचैन हैं धड़कने मेरी,
ये सुकूँ में होंगी,तुम गले से लगाओ तो सही।।
मैंने अक्सर देखा है खुद को तुमपे मरते हुए,
फिर एक बार जी जाउंगी,तुम मुस्कुराओ तो सही।।
तुझसे किया हर वादा मेरी ज़िंदगी से बढ़कर है,
तूने जो किया,फक़त वो एक वादा निभाओ तो सही।।

