अक्सर तमन्नाएं दिल में छिपा लेते वो।

लिख लिख के हमारा नाम मिटा देते हैं वो।।

दिल में बसा रखा है हमें किसी दुआ की तरह।

जाने क्यों फिर दिल को सज़ा देते हैं वो।।