जब मैं ना रहूँ मेरे ये अल्फाज़ रहेगें।
तुझसे चाहतों के सारे हिसाब रहेंगें।।
अभी दर्द बहुत है आखरी सफर का।
फिर दफनाने को सब बेताब रहेंगें।।
एक तू ही है जो समझता है मेरे अहसासों को।
दुनिया से अलग मेरे जज़्बात रहेंगे।।
आँखें आँसूओं में डूबी,दिल बेचैन सा है आज।
कल इन सारी तकलीफों से हम आज़ाद रहेंगे।।

