तुम्हारी सब शिकायतें हैं अपनी जगह,

मगर ये सच नहीं की तेरे दर्द का अहसास नहीं

कुछ उलझनों में उलझी हुई सी है ज़िन्दगी,

और एक ग़म कि तू भी मेरे पास नहीं।।