सुख और दुख दोनों में, साथ निभाता है।
एक दोस्त ही है जो हर हाल में गले से लगाता है।।
मिलते हैं यूं तो रिश्ते सारे हमें बिन माँगे ही।
बस दोस्ती का रिश्ता इंसा खुद बनाता है।।
हमारा आईना होता है,दोस्त हमारा।
हमारी, हमसे पहचान करवाता है।
सच्चा दोस्त कभी छोड़ के कहाँ जाता है।
उम्र का कोई भी पड़ाव हो,दोस्ती निभाता है।।

