आओगे जब कभी मेरी कब्र परवक्त निकाल करबेचैन ही पाओगे हमे वहाँ भीअपनी याद में !
आओगे जब कभी मेरी कब्र परवक्त निकाल कर
बेचैन ही पाओगे हमे वहाँ भीअपनी याद में !