तुम बिन कहे मेरी
बातों को समझ जाया करो,
ये इश्क़ का जो रिश्ता है,
उसे शब्दों का मोहताज ना करो।
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बोलें भी तो क्या बोले,
क्या कुछ ऐसा भी है
हमारे दरमियां
जो तुमको पता नही।
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तुम बिन कहे मेरी
बातों को समझ जाया करो,
ये इश्क़ का जो रिश्ता है,
उसे शब्दों का मोहताज ना करो।
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बोलें भी तो क्या बोले,
क्या कुछ ऐसा भी है
हमारे दरमियां
जो तुमको पता नही।
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