तुम बिन कहे मेरीबातों को समझ जाया करो,ये इश्क़ का जो रिश्ता है,उसे शब्दों का मोहताज ना करो।~~~~~~~~~~~~~~~~~~बोलें भी तो क्या बोले,क्या कुछ ऐसा भी हैहमारे दरमियांजो तुमको पता नही।
तुम बिन कहे मेरीबातों को समझ जाया करो,
ये इश्क़ का जो रिश्ता है,उसे शब्दों का मोहताज ना करो।~~~~~~~~~~~~~~~~~~
बोलें भी तो क्या बोले,क्या कुछ ऐसा भी हैहमारे दरमियांजो तुमको पता नही।