तुम बिन कहे मेरी

बातों को समझ जाया करो,


ये इश्क़ का जो रिश्ता है,

उसे शब्दों का मोहताज ना करो।

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बोलें भी तो क्या बोले,

क्या कुछ ऐसा भी है

हमारे दरमियां

जो तुमको पता नही।

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