आदतचाँद भी जागता है संग मेरेरात भर आज कल,सुना है उसके मेहबूब को भीजल्दी सोने की आदत सी लग गयी है।
आदत
चाँद भी जागता है संग मेरेरात भर आज कल,
सुना है उसके मेहबूब को भीजल्दी सोने की आदत सी लग गयी है।