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कोयल


कोयल सदके गाएगीत दरिया सुनाए जाएनभ से आँगन तर्पण छाएदिल का दर्पण चटके जाए

धागा धागा उलझे जाएकोयल सदके गीत सुनावे हाँघाट पर चुनरी ओढ़ी होश्वेत मगर दरिया मन दहा

लोटा सदके जावे हैगंगा राख समावे हैदरिया दरिया आँगन हाँ....[End]

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