राष्ट्र सम्मान's image
Poetry1 min read

राष्ट्र सम्मान

Ashish SinghAshish Singh February 5, 2023
Share0 Bookmarks 64464 Reads1 Likes

मान कर,सम्मान कर, इस राष्ट्र का गुनगान कर, 

पला बढ़ा जिस मिट्टी में, उस मिट्टी का अभिमान कर, 

रह रहे जहाँ पर साधु-संत, उस धरा का तु नाम कर, 

हर रोज़ हो रहे पुण्य जहाँ, उस धरणी का तु मान कर। 

मान कर, सम्मान कर, इस राष्ट्र का गुनगान कर, 

बह रही जहाँ पर गंगा- यमुना, उस पावन धरा को प्रणाम कर, 

श्रृंगार है जहाँ हरियाली की, उस माटी का सम्मान कर, 

बोल है जहाँ हर भाषा की, उस प्रांत को सलाम कर। 

मान कर,सम्मान कर, इस राष्ट्र का गुनगान कर, 

वास है जहाँ हर धर्म का, उस देश का यशोगान कर,

सागर है जहाँ ज्ञान का, उस भूमि का अभिमान कर, 

जन्म लिए जहा

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts