पैसे को पैसा मत समझो
ये ईमान के जैसा है
इसकी कीमत इंसान से ज्यादा
ये सम्मान के जैसा है।

कहते भी हैं
बाप भाई से बड़ा रुपैया
इसके बस में सबकी नैया
ये चाहे तो पार लगा दे
जिसको चाहे अधर में लटका दे
ये वरदान के जैसा है
पैसे को पैसा मत समझो 
ये ईमान के जैसा है।

इसकी वाणी सबको भाए
ये अपनों को पास भी लाए
यही अपनों में फूट कराए
सबकी बिगड़ी यही बनाए
ये भगवान के जैसा है
पैसे को पैसा मत समझो 
ये ईमान के जैसा है
इसकी कीमत जान से ज्यादा
ये सम्मान के जैसा है।
                                              ब्रजेश कुमार