अकेलेपन में थामा हुआ हाथ है दोस्ती
जुड़ कर जो ना छूटे वो साथ है दोस्ती
कभी प्यारी सी नोक - झोक
कभी अटूट सा विश्वास है दोस्ती
कभी अपनेपन का एहसास
कभी प्यार की शुरुवात है दोस्ती
कभी कर्ण और दुर्योधन
कभी कृष्ण सुदामा सा विख्यात है दोस्ती