तुम कहते हो करो मुझसे नयी नयी बात
हर बात पर कहते हो फिर वही बात
मेरी बातें सुनते-सुनते तुम सो जाते हो
क्या तुमने कभी पूरी सुनी मेरी बात
मेरी कहाँ सुनोगे मैं तो आम आदमी हूँ
तुम सुनते हो बड़े लोगों की बड़ी-बड़ी बात
बहुत कहते थे सब करते हैं हम नहीं करेंगे
जिसका डर था आखिर हुई वही बात
कुछ कहने के लिये अब कुछ कहना नहीं हैं
आँखों-आँखों में हुई है उनसे अभी-अभी बात