कोई मुझसे दूर हो गया है क्या
मुझे ख़ुद पर गुरूर हो गया है क्या
वो जो कई दिनों का थका था
मेरी बाँहों में चूर हो गया है क्या
शाम से ही बैठा है मेरे पहलू में
उसका गुस्सा काफ़ूर हो गया है क्या
क्या कहा कोई चारागर नहीं मिला
तो ज़ख़्म अब नासूर हो गया है क्या
मुझको बदनाम करने के ठीक बाद
वो शहर में मशहूर हो गया है क्या