बिजली आज गिरानी है बादल  की मनमानी है   उसके छत पर बाॅल गयी है बच्चों  की   शैतानी  है   पीले रंग की साड़ी उसकी उसका  पल्लू  धानी है   पानी में हैं आँखें डूबी या आँखों में पानी है   जाते-जाते कहा था उसने इश्क़ तो बस रूहानी है   रूहदार कुछ कह ना उससे तुझको मुँह की खानी है