
फिर तिरंगा लहराया है अपनी पूरी शान से।
मत भूलो मिली है आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
लम्बी बड़ी लड़ाई थी, फिर आजादी हमने पाई थी।
करोड़ों लोगों ने प्राणो से कीमत बड़ी चुकाई थी।।
व्यापारी बनकर आए, छल से हम पर राज किया।
फुट डालो और राज करो की नीती अपनाई थी ।।
आजादी की साँसे ले रहे हैं हम बड़े शान से।
मत भूलो, मिली है आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
हर बलिदानी के सपनो का प्यारा यह देश है।
जियो और जीने दो का सबको देता संदेश है।।
खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार, दक्षिण में हिन्द महासागर
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