फिर तिरंगा लहराया है अपनी पूरी शान से।
मत भूलो मिली है आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
लम्बी बड़ी लड़ाई थी, फिर आजादी हमने पाई थी।
करोड़ों लोगों ने प्राणो से कीमत बड़ी चुकाई थी।।
व्यापारी बनकर आए, छल से हम पर राज किया।
फुट डालो और राज करो की नीती अपनाई थी ।।
आजादी की साँसे ले रहे हैं हम बड़े शान से।
मत भूलो, मिली है आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
हर बलिदानी के सपनो का प्यारा यह देश है।
जियो और जीने दो का सबको देता संदेश है।।
खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार, दक्षिण में हिन्द महासागर है पहरेदार।
बंगाल की खाड़ी पूरब में पग धोता ,अरब सागर पश्चिम में बहता है इसके द्वार।।
चलो लगाओ नारे, गूंजे दशों दिशाएँ वीरों के यशगान से।
मत भूलो, मिली है आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
संग मिल देश के नव निर्माण में हाथ बटातें हैं।
विश्व पटल पर भारत की एक नयी तस्वीर दिखाते हैं ।।
स्वच्छ भारत, प्रगितिशील भारत का राग सुनाते हैं,।
धर्म, जाती के भेदभाव मुक्त अखंड भारत बनाते हैं, ।।
काम ऐसा कर जाते हैं, विश्व मंच पर खड़े रहें हम शान से ।
मत भूलो मिली है आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से।।