----: ख़ामोशी :------
दिल के कुछ राज खोल तो सही,
ख़ामोशी तू भी कभी बोल तो सही |
कब तक तू यूहीं चुप-चुप रहेगी,
मन हल्का हो जाएगा जो मुझसे कुछ कहेगी |
सुन सब धरा रह जाना हैं,साथ कुछ नही जाएगा,
अगर कुछ ना बोली तो दर्द बढ़ता जाएगा |
तू डर मत,अपनी ही होगी आख़री बाजी,
साथ है अपने तन्हाई,गम और नजरअंदाजी |
इसलिए दिल के राज खोल तो सही,
ख़ामोशी तू भी कभी बोल तो सही |
~ भरत_rj17


