नम आँखों से वो हस देता है
बेटा जब घर से दूर विदा लेता है

माँ के चेहरे पर मायूसी छा जाती है
जब बाप कठिन होके रेल में बिठा देता है

वो नये शहर में जाके खुश तो है बहुत
पर रात में अकेला पन उसे रुला देता है

कमाने का बोझ उसे थका देता है
देर रात आने वाले बेटा खाना भी भुला देता है

बेटो के जीवन मे भी विदाई आयी है
और लोग कहते है की सिर्फ बेटी विदा लेती है