मैं तेरे साथ....!!


मैं  तेरे  साथ  थोड़ी  दूर चल भी सकता था..!

जहाँ हो, ले तुझे आगे निकल भी सकता था.!!


तुझे  फिकर   थी   तेरी   राह   मेरे आने की.!

मगर  मैं राह  मेरी सुन बदल भी सकता था.!!



विनोद सिन्हा "सुदामा"