काग़जी बाज़ार..!!


बताए क्या कोई किसको,दे क्या पहचान काग़ज पर.!

जहाँ हर  सिम्त़  है  बिकता धरम ईमान काग़ज पर.!!


कहीं  पे आबरू  माँ  की  कहीं  पे शान काग़ज पर.!

कहीं बिकता ख़ुदा सबका कहीं भगवान काग़ज पर.!!



विनोद सिन्हा "सुदामा"