दास्तांचलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्तां सुनकरकहूँगा अपनी भी तो वो लगेगी गैर की तुमकोविनोद सिन्हा
दास्तां
चलो अब जाने भी दो क्या करोगे दास्तां सुनकरकहूँगा अपनी भी तो वो लगेगी गैर की तुमको
विनोद सिन्हा