बेटी दिवस की बधाई..।।
बेटी...!!
बेटी से घर शोभता बेटी से है घर परिवार
बेटी घर की नीव होती बेटी होती घर का आधार
मत मारो कोख़ में इसको लेने दो जग़ में अवतार
बेटी होती है लक्ष्मी बेटी सुख़ समृद्धि का द्वार
कोमल मन निर्मल हृदय निश्छल बेटी का प्यार
बेटी से महके घर आंगन महके जीवन संसार
धन दौलत की चाह न इसको ना कोई सरोकार
बस जरा मधुर स्नेह चाहिए और थोड़ा पुचकार
झोका शितल हवा का बेटी नाजूक फूलों की हार
पास रहे तो मन झूमे हो दूर जरा तो ग़म अपार
पापा की होती राज़ दुलारी माँ का अंश संस्कार
देख बिटिया का इक झलक मिटे दुख़ दर्द हज़ार
हरपल हरदम साथ देती हो दुख या कष्ट बेजार
पल में बन जाती माँ बेटी,देती मातृ पृत सा दुलार
माँ बसती हर बेटी में बसता नानी दादी सा प्यार पहन कपड़े कर श्रृंगार करती उनसा व्यवहार
ईश्वर की अनुपम रचना बेटी है अद्भुत आविस्कार
माँ से बढ़ अगर है कुछ तो बेटी ईश्वर का उपहार
विनोद सिन्हा "सुदामा"

