आजादी..!!
मत कहो आजाद हो तुम और तन आजाद है.!
जब नहीं आजाद साँसें और मन आजाद़ है.!!
बेड़ियाँ पैरों में जकड़ी धर्म मजहब़ जात की.!
साथ कितने ज़ुल्म के चालो चलन आजाद है.!!
©️®️विनोद सिन्हा "सुदामा"


आजादी..!!
मत कहो आजाद हो तुम और तन आजाद है.!
जब नहीं आजाद साँसें और मन आजाद़ है.!!
बेड़ियाँ पैरों में जकड़ी धर्म मजहब़ जात की.!
साथ कितने ज़ुल्म के चालो चलन आजाद है.!!
©️®️विनोद सिन्हा "सुदामा"