तेरी यादें हैं हर जगह बिखरी यहाँ
मैं उनको सजो कविता में पिरोता हूँ
कभी खुद को सुनाता
कभी जग को सुनाता हूँ
भले याद रहें ना हम पर रहेंगे
सदा अपनी उन्ही कविताओं में
तेरे लबों पे अकसर आया करेंगें
रहें ना हम पर तुझमें नजर आया करेंगें
~ विनय


तेरी यादें हैं हर जगह बिखरी यहाँ
मैं उनको सजो कविता में पिरोता हूँ
कभी खुद को सुनाता
कभी जग को सुनाता हूँ
भले याद रहें ना हम पर रहेंगे
सदा अपनी उन्ही कविताओं में
तेरे लबों पे अकसर आया करेंगें
रहें ना हम पर तुझमें नजर आया करेंगें
~ विनय