पहली मोहब्बत की पहचान हो

कभी ना भूलने वाली एक अहसास हो


तन्हा हो चली थी सफर

पर हाथ मेरा थाम लिया


   दो पल साथ चलके

ख्यालो को मेरे एक नाम दिया


दुनियां जिसे कुछ और कहती थी

       पर शुक्रिया

आपने मोहब्बत का नाम दिया



      ~ विनय