वक़्त नाजुक हैं हो चला

परिस्थितियां गंभीर हैं

दे दे हम दोष समय को

पर कहि हम ही तो नहीं जिम्मेदार हैं

कहि भूख कहि महामारी (कोरोना) से त्रस्त हम

तो कहि अपने अपनो से दूर हैं

पर हौशला ना हारेंगें

ये बाजी हम ही मारेंगें

इस महामारी रूपी राक्षस का वध करने

भगवान फिर एक बार यहाँ पधारेंगें



- विनय