@itsSSR
लोग समझ ना सके जिसे
वो कुछ यूं पाठ सीखा गया
उस रंगमंच की रौशनी की
काली परछाई से हमें रूबरू करा गया
एक सिसक सी अकसर
अब कानो को सुनाई देती हैं
जैसे कुछ कह रहा हो "वो"
जो कह ना सका
अरमान अधूरे जो बया कर ना सका
~ विनय


@itsSSR
लोग समझ ना सके जिसे
वो कुछ यूं पाठ सीखा गया
उस रंगमंच की रौशनी की
काली परछाई से हमें रूबरू करा गया
एक सिसक सी अकसर
अब कानो को सुनाई देती हैं
जैसे कुछ कह रहा हो "वो"
जो कह ना सका
अरमान अधूरे जो बया कर ना सका
~ विनय