इस दौर में जीने का हुनर सीखना ज़रूरी है,आगे बढ़ना और नहीं तो बढ़ते दिखना ज़रूरी है,मौसम का रुख़ एक सा नहीं रहता, कभी धूप कभी छाँव,मिले जो बारिश कहीं, तो हौसला रख भीगना ज़रूरी है।...बिमल...Twitter/koo - @bimalthepoet
इस दौर में जीने का हुनर सीखना ज़रूरी है,आगे बढ़ना और नहीं तो बढ़ते दिखना ज़रूरी है,
मौसम का रुख़ एक सा नहीं रहता, कभी धूप कभी छाँव,मिले जो बारिश कहीं, तो हौसला रख भीगना ज़रूरी है।
...बिमल...Twitter/koo - @bimalthepoet