Poetry 1 min read 627.1K reads

Nain


चांद देखे फलक पर कई सितारे देखेकश्तियाँ देखीं और कूल किनारे देखे

ऊब कर बैठ गया मन जब नज़ारों सेनींद से जागा फिर ख्वाब तुम्हारे देखे

भूल बैठे झील, कमल, ज़ाम को वोभूलकर भी जो कोई नैन तुम्हारे देखे

Read more Earn more Learn more