खुदा ने चाहा तो फिर कभी मुलाकात होगी वो शाम हमारी तेरे साथ होगी वो शाम भी कुछ ख़ास होगी जुबां से नहीं सिर्फ निगाहों से बात होगी खुदा ने चाहा तो फिर कभी मुलाकात होगी ...