रिश्तों में दरारें या दरारों में बनतें नए रिश्तें इन उलझनों के साए में तुम भी हो हम भी है
उजाले से अँधेरे की ओर या अँधेरे से उजाले की ओर इस सफ़र के राही तुम भी हो हम भी है
बोलती जिंदगी का खामोश हो जाना या ख़ामोश जिंदगी का फिर से बोल उठाना इन बदलती रातों के गवाह तुम भी हो हम भी है
कितना शोर है इस दुनिया में यहाँ कहानियाँ रोज नई बनती है मुस्कान से मौन या मौन से मुस्कान इस उर्जा के बिंदु तुम भी हो हम भी है
रिश्तों में दरारें या दरारों में बनतें नए रिश्तें इन उलझनों के साए में तुम भी हो हम भी है


