क्यों भटक रहा है तू ,
अनजान की तलाश में,
आडम्बर की चाल में,
माया के जाल में,
खोल मन के द्वार तू,
सुन सच की पूकार तू,
निचोड़ अपनी खामियाँ,
उपज अपनी खूबियाँ,
सादगी का मान कर,
प्राणी का सम्मान कर,
स्वस्थ हो ध्यान कर,
शक्ति का संचार कर,
उखाड़ दंभ की जड़ को,
त्याग मोह-लोभ को,
आत्मा से साध कर,
स्वयं से साक्षात्कार कर
स्वयं से साक्षात्कार कर