नया - नया हूँ अभी मैं जुदाई में (२) जो बार - बार पलट के तेरे पास आऊँ तो खफा मत होना आदत नहीं है मुझे यूं गुमसुम रहने की (२) जो तुझसे अपने इश्क़ का इज़हार बार - बार करूँ तो खफा मत होना
इस चुभन का एहसास नहीं था पहले मुझे (२) जो अश्क़ मेरे बह आये तो खफा मत होना अभी ताज़ा - ताज़ा है जख्म मेरे (२) जो तुझे हँसके इन्हे भरने को कहूँ तो खफा मत होना लगेगा वक़्त मुझे जरा संभलने में (२) जो तुझे कुछ और कदम अपने साथ चलने को कहूँ तो खफा मत होना अभी तक लोगों से प्रेमियों के किस्से सुने है मैंने (२) जो अब खुद किस्सा बन जाऊं तो खफा मत होना नया - नया हूँ अभी मैं जुदाई में जो बार - बार पलट के तेरे पास आऊँ तो खफा मत होना