
नया - नया हूँ अभी मैं जुदाई में (२)
जो बार - बार पलट के तेरे पास आऊँ तो खफा मत होना
आदत नहीं है मुझे यूं गुमसुम रहने की (२)
जो तुझसे अपने इश्क़ का इज़हार बार - बार करूँ तो खफा मत होना
इस चुभन का एहसास नहीं था पहले मुझे (२)
जो अश्क़ मेरे बह आये तो खफा मत होना
अभी ताज़ा - ताज़ा
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