सुख, शांति, समृद्धि आए
थोड़ी सी अब बुद्धि आए
मन में मैल जो भरे बैठे हैं
उनके मन में शुद्धि आए
नफरत की ना आंधी लाओ
फिर से अब तुम गांधी लाओ
देश की बगिया फिर से खिल जा
प्यार के ऐसे तुम फुल लगाओ
जीवन सबका छोटा ही होता
नफरत में क्यों सब कुछ खोता
जीवन सफल तभी कहलाए
जब उसमें बस प्यार समाए
सुख, शांति, समृद्धि आए
थोड़ी सी अब बुद्धि आए
