एक बीज हो तुम

फिरसे अंकुरीत हो जाओगे

हौसलो के दफन न होते कभी

जो फीर उठने की आस हो जगी

हार तो एक दर्पन है तुम्हारी कोशिशो का

जित के करीब हो सकने का

और तुम्है फिरसे अंकुरीत करने का

तुम्हे फिरसे जिताने..

फीर तुमसे ही तुम्हे मिलवाने का

याद रहे एक बीज हो तुम...