चाहे वसंत हो या पतझड हर मौसम तुम याद आए
लेकिन तुमने कभी हमे याद किया वो मौसम कभी न आए
हम यूही साल बरस राह देखते रहे
तुम पलभर के लीए भी न आए..
ए इंतजार भी अब आदत बन गया..
तुम्हारे न आने का गवाह बन गया
पर मौसम बदलते है....

चाहे वसंत हो या पतझड हर मौसम तुम याद आए
लेकिन तुमने कभी हमे याद किया वो मौसम कभी न आए
हम यूही साल बरस राह देखते रहे
तुम पलभर के लीए भी न आए..
ए इंतजार भी अब आदत बन गया..
तुम्हारे न आने का गवाह बन गया
पर मौसम बदलते है....