गुजर चुका है अरसा उसको देखने के बाद..
समझा रहा हूं दिल को अहले सफर के बाद।
दरमियान नहीं रहे वो जिंदगी के मरहले..
एक उम्र चाहिए उन सिलसिलों के बाद।।।
थकती नहीं हैं नजरें अंधेरा है दिन ओ रात..
के आएगा यकीनन वो इन बारिशों के बाद।।।
देखता हूं उन बादलों के सफ़र का इम्तेहान..
और देखता हूं के शायद वो है आसमानों के बाद।।।
मंज़िल वही है दरअसल उस कारवां के साथ..
क्या हुआ क्या हो रहा है उसे देखने के बाद।।।

