धरती को है बारिश की बूंदों का इंतजार।
इसी दीदार के लिए रहे वह बेकरार।
चाहे यही की ये दूरी कम हो जाए एक बार।
ताकि धरती को यूं जलना न पड़े बार बार।।


धरती को है बारिश की बूंदों का इंतजार।
इसी दीदार के लिए रहे वह बेकरार।
चाहे यही की ये दूरी कम हो जाए एक बार।
ताकि धरती को यूं जलना न पड़े बार बार।।